ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक और हिमाचल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने एचआरटीसी कर्मचारियों पर एस्मा लगाने को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया। बुधवार को ऊना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सतपाल सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार बड़े वादे कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब सभी वर्गों के खिलाफ काम कर रही है। सत्ती ने आरोप लगाया कि पहले कर्मचारी वर्ग पर प्रिविलेज मोशन लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, और अब एचआरटीसी कर्मचारियों पर एस्मा लगाकर उन्हें दबाया जा रहा है। सत्ती ने हिमाचल सरकार से एचआरटीसी के कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर इस मामले को सुलझाने का आग्रह किया। एचआरटीसी कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की निंदा उन्होंने जोर दिया कि हिमाचल में बसें ही आने-जाने का मुख्य साधन हैं, जिनका उपयोग छात्र, कर्मचारी और आम जनता प्रतिदिन करती है। उन्होंने एचआरटीसी कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारियों का विश्वास तोड़ा गया है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने कई बार कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पहले की घोषणाएं अभी तक लागू नहीं सत्ती ने बताया कि 25 जनवरी, 15 अप्रैल और 15 अगस्त को की गई घोषणाएं अभी तक लागू नहीं हुई हैं। उन्होंने एचआरटीसी कर्मचारियों से भी इस मसले को सुलझाने का आग्रह किया। सतपाल सत्ती ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार 58 साल की पक्की नौकरी और 5 लाख नौकरियां देने की बातें करती थी, लेकिन अब एचआरटीसी में डेलीवेज पर भर्ती की जा रही है। ‘ट्रेनी’ के नाम पर बेरोजगारों के साथ मजाक उन्होंने ‘ट्रेनी’ के नाम पर बेरोजगारों के साथ मजाक करने का आरोप लगाया। उन्होंने वन मित्र, जल मित्र और रोगी मित्र जैसी नियुक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने डेलीवेज पर नौकरियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने हिमाचल सरकार से डेलीवेज की बजाय स्थायी नौकरियां देने की मांग की।