रोहतक की रहने वाली मनीषा मित्तल की शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या करने के मामले में अभी तक हत्या के मास्टरमाइंड का खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि शिमला पुलिस की जांच में शक की सुई हिमांक मित्तल के दोस्त व स्कूल कार्यकारिणी के सदस्य गोविंद की तरफ घूम रही है, जिसकी तलाश की जा रही है। शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में 13 जून को स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी भी खंगाले, जिसमें दो लोग चेहरे को ढककर आए और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में 2 लोगों को काबू किया, जिन्हें 7 दिन के रिमांड पर ले रखा है। जिम संचालक पर पुलिस को शक मनीषा मित्तल की हत्या करने का शक पुलिस को हिमांक मित्तल के दोस्त जिम संचालक व स्कूल कार्यकारिणी के सदस्य गोविंद पर है। गोविंद, मनीषा की हत्या के बाद से विदेश में है और उससे किसी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। हिमांक मित्तल व पुलिस भी संपर्क करने का प्रयास कर चुकी है। 6 महीने के लिए स्कूल पर सरकार का कब्जा मनीषा मित्तल की हत्या के बाद से शुरू हुई प्रोपर्टी विवाद की चर्चा के बाद हिमाचल सरकार ने स्कूल को 6 महीने के लिए अपने कंट्रोल में लेते हुए प्रशासन बैठा दिया है। इसका नोटिस भी हिमांक मित्तल को दिया गया है, ताकि छह महीने तक स्कूल को सुचारू रूप से चलाया जा सके। हत्या का मास्टरमाइंड कौन, खुलासे का इंतजार मनीषा मित्तल की हत्या का मास्टरमाइंड कौन है, इसके खुलासे का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा हुआ है, जिनमें एक रोहतक के गांव सुनारियां खुर्द व दूसरा झज्जर के गांव दुजाना का रहने वाला है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस के सामने राज तो उगले है, लेकिन पुलिस ने अभी तक असली आरोपी का खुलासा नहीं किया है। सीसीटीवी में गोली मारते दिखे आरोपी मनीषा मित्तल की हत्या का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मात्र 4 सेकेंड के अंदर दो आरोपी गोलियां मारकर हत्या की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सीसीटीवी में दोनों आरोपी अपने चेहरे के ढके हुए दिख रहे है। बावजूद इसके पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हिमांक मित्तल ने बताया कि शिमला पुलिस ने उससे गोविंद के बारे में पूछताछ की है। गोविंद को वह 9 साल से जानता है, लेकिन अभी गोविंद से संपर्क नहीं हो रहा है। शिमला वाले स्कूल को सरकार ने छह महीने के लिए अपने कब्जे में लिया है, जिसका नोटिस उसे मिल चुका है। वह जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है। वारदात में प्रयोग कार की तलाश में जुटी पुलिस शिमला से आए पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि जिस कार से वारदात को अंजाम दिया, वह झज्जर के रहने वाले एक व्यक्ति की है। वारदात में प्रयोग की गई कार की कई बार खरीद फरोख्त हो चुकी है। इस मामले में कार के मालिक को भी बयान दर्ज करवाने के लिए शिमला बुलाया है।

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