मंडी जिला के आराध्य देव कमरुनाग के ऐतिहासिक मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेले के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए 14 से 16 जून तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। डीएसपी हेडक्वार्टर मंडी दिनेश कुमार ने बताया कि यह रोड मैप श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। डीएसपी दिनेश कुमार के अनुसार, मेले के दौरान श्रद्धालु देव कमरुनाग मंदिर तक पहुंचने के लिए सरोआ, फंग्यार और शाला मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। वापसी के लिए सभी वाहनों को झौर-जाछ मार्ग से ही गुजरना होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित यातायात व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगभग 70 पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। ये जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 13 जून से ही शुरू हो जाएगा श्रद्धालुओं का आगमन प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं का आगमन 13 जून से ही शुरू हो जाएगा। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु देव कमरुनाग के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं। मंडी जनपद में यह सबसे बड़ा मेला होता है, जो आस्था, संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण संगम है। विशेष रूप से 15 जून को ‘साजे’ के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा और यातायात प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालु आवश्यक तैयारियों के साथ ही मेले में पहुंचें उपमंडलाधिकारी गोहर देवी सिंह ने श्रद्धालुओं से प्रशासन का सहयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने और निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए श्रद्धालु आवश्यक तैयारियों के साथ ही मेले में पहुंचें।

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