भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2026 में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश (सीयूएचपी) ने देश के सरकारी विश्वविद्यालयों में 9वां स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ ही सीयूएचपी हिमाचल प्रदेश का शीर्ष रैंक वाला विश्वविद्यालय बन गया है। कुलपति प्रो. एसपी. बंसल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध, नवाचार और छात्र कल्याण के क्षेत्रों में लगातार प्रयास किए हैं। आईआईआरएफ रैंकिंग के विभिन्न कड़े मानकों पर विश्वविद्यालय का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। शैक्षणिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में सीयूएचपी को देश भर में चौथा स्थान मिला है, जो इसकी उच्च शिक्षण गुणवत्ता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए बहुविषयक शिक्षा और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया है। जनधारणा श्रेणी में भी विश्वविद्यालय ने देश में 7वां स्थान प्राप्त किया है। शोध और नवाचार में भी मिला मुकाम शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। इस श्रेणी में देश भर में 9वां स्थान प्राप्त करने वाले सीयूएचपी का एच-इंडेक्स (Scopus) 71 तक पहुंच गया है, जबकि इसके शोध कार्यों को 40 हजार से अधिक साइटेशन्स मिले हैं। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने विभिन्न प्रमुख सरकारी एजेंसियों से 20.25 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स प्राप्त किए हैं और संस्थान के नाम पर 42 पेटेंट दर्ज हैं। कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल ने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि रैंकिंग एक महत्वपूर्ण संकेतक है, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य एक ऐसे वैश्विक स्तर के विश्वविद्यालय का निर्माण करना है जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में सार्थक योगदान दे सके। हाल ही में यूजीसी से श्रेणी व स्वायत्तता मिलने और देहरा में बन रहे स्थायी परिसर का 85 प्रतिशत काम पूरा होने से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिली है।

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