हिमाचल की राजधानी शिमला में लोक निर्माण विभाग (PWD) विक्रमादित्य सिंह की प्राइवेट गाड़ी का पुलिस ने चालान काटा। शिमला के सील्ड रोड पर चल रहे व्हीकल परमिट विवाद के बाद आज एडवोकेट ने चालान करवाया। इस दौरान कई अधिकारियों की गाड़ियों के भी चालान काटे गए। दरअसल, एडवोकेट ने आज सील्ड रोड पर बिना परमिट के दौड़ रही कई गाड़ियों को रोका और पुलिस से उनके चालान करवाए। इनमें एक इलेक्ट्रिक व्हीकल विक्रमादित्य सिंह का भी शामिल है। इसमें विक्रमादित्य सिंह की माता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सवार थी। प्रतिभा सिंह पिछली सीट पर बैठी थीं। इस दौरान एडवोकेट शिल्ली चौकी के समीप इकट्ठे हुए। वकीलों ने यहां से गुजर रही हरेक गाड़ी को रोका और परमिट चेक किया। इस दौरान ठियोग के विधायक एवं हाईकोर्ट के एडवोकेट कुलदीप राठौर की गाड़ी को भी रोका गया। उन्होंने युवा वकीलों के बातचीत के लहजे पर आपत्ति जताई। हालांकि, उनकी गाड़ी को छोड़ दिया गया। डीजी रेंक के अधिकारी की गाड़ी का चालान भी काटा सूचना के अनुसार, एडवोकेट ने एक डीजी रेंक के पुलिस अधिकारी और एडीएम की गाड़ी का चालान भी करवाया। जिस वक्त ADM की गाड़ी का पुलिस चालान कर रही थी तब वहां पर HAS अधिकारी एवं SDM शिमला ओशिन शर्मा भी मौजूद थीं। इस दौरान मीडिया कर्मी वकीलों के प्रोटेस्ट और पुलिस कार्रवाई के वीडियो बना रहे थे। तब ओशिन शर्मा मीडिया पर भड़क गई और वीडियो बनाने पर आपत्ति जताई। पुलिस अधिकारियों ने सिले मुंह इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने मुंह सिल दिए है। PWD मंत्री और अधिकारियों से जुड़ा मामला होने की वजह से कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। शिमला के सील्ड रोड पर परमिट अनिवार्य बता दें कि शिमला के सील्ड रोड पर बिना परमिट गाड़ियों की आवाजाही वर्जित है। परमिट वाली गाड़ियों को ही सील्ड रोड पर आने जाने की अनुमति है। मगर सुक्खू सरकार ने बजट सेशन में सील्ड रोड के परमिट की फीस 2500 रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी है। अब तक हाईकोर्ट के एडवोकेट बिना परमिट के आ जा रहे थे। मगर अब उन्हें भी परमिट अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में पुलिस की सख्ती से वकील भड़के हुए हैं।