हिमाचल प्रदेश में जारी स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झलक देखने को मिली। देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने पैतृक क्षेत्र विजयपुर (बिलासपुर) पहुंचकर परिवार सहित लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया। केंद्रीय मंत्री ने विजयपुर-सुंगाना स्थित निर्धारित मतदान केंद्र पर लाइन में लगकर पूरे नियमबद्ध तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूरे परिवार ने सुनिश्चित की लोकतंत्र में भागीदारी इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा अकेले नहीं थे, बल्कि उनके पूरे परिवार ने इस लोकतांत्रिक उत्सव में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। मतदान केंद्र पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी डॉ. मल्लिका नड्डा और उनके सुपुत्र हरीश नड्डा भी मौजूद रहे। पूरे नड्डा परिवार ने बारी-बारी से वोट डाला और अपनी उंगली पर लगी अमिट स्याही दिखाते हुए गर्व से तस्वीरें खिंचवाईं।। मतदान केवल अधिकार नहीं, देश के प्रति बड़ी जिम्मेदारी नड्डा ने कहा लोकतंत्र की मजबूती और इसकी जड़ों को गहरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक का मतदान करना अत्यंत आवश्यक है। मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह हमारे देश, प्रदेश और समाज के प्रति एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।” वोट डालने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जेपी नड्डा ने सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से निर्भीक, निष्पक्ष और जागरूक होकर भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंचने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पुरजोर आग्रह किया। पोलिंग बूथ पर उमड़ा जनसैलाब, स्थानीय मुद्दों पर हुई चर्चा देश के केंद्रीय मंत्री को अपने बीच पाकर स्थानीय मतदाताओं और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। मतदान केंद्र पर जेपी नड्डा से मिलने और उनका स्वागत करने के लिए स्थानीय लोगों का तांता लग गया। इस दौरान नड्डा बेहद आत्मीयता से लोगों से मिले। कई वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने उनसे मुलाकात कर क्षेत्र के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय बुनियादी ढांचे से जुड़े विभिन्न विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी की। प्रदेशभर में पंचायत और निकाय चुनाव का जबरदस्त उत्साह गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में इस समय पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है और मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण और शहरी, दोनों ही क्षेत्रों में लोग सुबह से ही लंबी-लंबी कतारों में लगकर अपने गांव और वार्ड की सरकार चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। केंद्रीय मंत्री की इस सहभागिता ने स्थानीय स्तर पर मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए एक प्रेरक का काम किया है