‘हार्मोनी ऑफ द पाइंस’ ऑर्केस्ट्रा की दो महिला कांस्टेबलों की शिकायत पर शिमला पुलिस ने लोकल गायल गोपी जैक्स के खिलाफ FIR कर दी है। महिला कांस्टेबल दीपिका और कृतिका ने शिकायत में बताया कि गोपी जैक्स की सार्वजनिक टिप्पणी से मानसिक पीड़ा, अपमान और सामाजिक प्रतिष्ठा खराब हुई है। एसएसपी शिमला गौरव ने एफआईआर की पुष्टि की है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने महिला कर्मी की शिकायत के बावजूद कांग्रेस सरकार और शिमला पुलिस पर एफआईआर नहीं करने के आरोप लगाए थे। इससे पुलिस ऑर्केस्ट्रा विवाद अब राजनीतिक रंग ले रहा है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार को महिला विरोधी बताते हुए जानबूझकर एफआईआर नहीं करने के आरोप लगाए थे। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रथम बटालियन जुन्गा के ‘हार्मोनी ऑफ द पाइंस’ ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़े विवाद में सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के निलंबित इंस्पेक्टर विजय कुमार के खिलाफ बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई की थी। शिकायत में पुलिस अधिकारी का भी नाम: BJP रणधीर ने आरोप लगाया कि एक स्थानीय गायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों कांस्टेबलों के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसके बाद दोनों ने महिला पुलिस थाना शिमला में शिकायत दी, लेकिन अब तक उस पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। भाजपा नेता ने कहा कि शिकायत में गायक के अलावा पुलिस के बड़े अधिकारी का भी नाम शामिल है। रणधीर ने आरोप लगाया कि दोनों महिला कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा, जिससे वे मानसिक तनाव का शिकार हुईं। उन्होंने दावा किया कि कांस्टेबल दीपिका की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। क्या है पूरा मामला? दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिमला के एक स्थानीय गायक गोपी जैक्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस बैंड ‘हार्मोनी ऑफ द पाइंस’ के निलंबित इंस्पेक्टर विजय कुमार और दो महिला गायिकाओं दीपिका तथा कृतिका की भर्ती और कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए। प्रेस वार्ता के दौरान महिला कांस्टेबलों पर व्यक्तिगत और कथित तौर पर बॉडी शेमिंग संबंधी टिप्पणियां भी की गईं। इसके बाद दोनों महिला कांस्टेबलों ने शिमला के महिला पुलिस थाने में संयुक्त शिकायत देकर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि, आपराधिक धमकी, आपराधिक षड्यंत्र और गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए।

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