मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को धर्मशाला नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। ‘विकास संकल्प’ नामक इस 29 सूत्रीय घोषणा पत्र में शहर के आधुनिक विकास और आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्मशाला को पर्यटन और खेल हब के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए शिमला से कई महत्वपूर्ण कार्यालयों को धर्मशाला स्थानांतरित किया जा रहा है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में सरकारी भूमि पर बने अवैध मकानों के नियमितीकरण का महत्वपूर्ण वादा किया गया है। खनियारा, सिद्धपुर, सिद्धबाड़ी, दाड़ी और श्याम नगर सहित विभिन्न वार्डों के निवासियों के लिए नगर निगम सरकार के समक्ष मजबूती से पक्ष रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, ताकि सालों से रह रहे लोगों को मालिकाना हक मिल सके। हर वार्ड में गेमिंग और इनोवेशन जोन बनाने का संकल्प शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कांग्रेस ने हर वार्ड में गेमिंग और इनोवेशन जोन बनाने का संकल्प लिया है। युवाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए प्रत्येक वार्ड में स्मार्ट ई-बेंच और फ्री वाईफाई जोन स्थापित किए जाएंगे। घोषणा पत्र के अनुसार, शहर के सभी 17 वार्डों में सुरक्षित फुटपाथ, कूहलों का निर्माण और संगठित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। चरान से कचहरी अड्डा तक आधुनिक साइकिलिंग और जॉगिंग कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी इस संकल्प पत्र का हिस्सा है। पर्यटन और सौंदर्यीकरण पर जोर धर्मशाला को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए डल झील का संपूर्ण पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वार मेमोरियल के पास वाटर रिक्रिएशन सुविधाएं और कोतवाली बाजार में ओपन एयर थिएटर व सांस्कृतिक हैबिटेट सेंटर बनाने का वादा किया गया है। शहर को होर्डिंग मुक्त बनाकर डिजिटल साइन बोर्ड लगाए जाएंगे और प्रमुख चौराहों का नामकरण देश के बलिदानियों के नाम पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और प्रत्येक वार्ड के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। भाजपा पर प्रहार: 60 हजार करोड़ मिलने पर भी प्रदेश को बनाया कर्जदार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान प्रदेश को आरजीडी के माध्यम से 60 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि प्रदेश पर कर्ज मात्र 48 हजार करोड़ का था। यदि भाजपा चाहती तो हिमाचल को कर्ज मुक्त बना सकती थी, लेकिन उन्होंने यह सारा पैसा केवल राजनीतिक लाभ के लिए रेवड़ियां बांटने में खर्च कर दिया। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि वे अब पार्टी के लिए नहीं बल्कि केवल खुद को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे भाजपा के सोशल मीडिया दुष्प्रचार से बचें और विकास के नाम पर कांग्रेस का साथ दें।

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