हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराग शर्मा ने धर्मशाला में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की और इसे राजनीति के गिरते स्तर का प्रमाण बताया। अनुराग शर्मा ने दावा किया कि भाजपा के भीतर भारी आंतरिक कलह चल रही है, जहाँ वर्षों से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है और बाहरी नेता हावी हो रहे हैं। इसी बहाने उन्होंने भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं को कांग्रेस में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया, जो अपनी पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे नेताओं का खुले दिल से स्वागत करेगी। सांसद ने अपनी राजनीतिक यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में एक आम कार्यकर्ता का भी सम्मान होता है। उन्होंने बताया कि 1994 में एक एनएसयूआई कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत करने वाले मुझ जैसे साधारण व्यक्ति को कांग्रेस ने राज्यसभा तक पहुँचाया है। शर्मा ने इसे कांग्रेस की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी जीत बताते हुए विपक्षी नेताओं को अपनी आय के स्रोत सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी। आपदा राहत राशि को न मिलने पर सरकार को घेरा संसद में राज्य के मुद्दों को उठाने का जिक्र करते हुए अनुराग शर्मा ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि अब तक प्रदेश को नहीं मिली है। इसके साथ ही उन्होंने जोगेंद्रनगर-पठानकोट रेलवे लाइन के विस्तार, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और फोरलेन कार्यों में हो रही देरी के लिए भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। युवा, महिला और अनुभव के तालमेल के साथ उतरेंगे नगर निकाय चुनावों के संदर्भ में शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस बार अनुभव, युवाओं और महिलाओं के बेहतरीन तालमेल के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने धर्मशाला के विकास का पूरा श्रेय कांग्रेस को देते हुए कहा कि गगल एयरपोर्ट का विस्तार क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा और इससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। सिटी प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया वहीं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र जग्गी ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हुए कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत वाली ‘अंडरग्राउंड डस्टबिन’ योजना धर्मशाला की परिस्थितियों के अनुकूल नहीं थी, जिसके कारण आज वे कूड़ेदान जंग खा रहे हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट की जांच की मांग करते हुए बताया कि नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने 17 मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।