दत्तनगर में आज दुग्ध उत्पादक संघ और हिमाचल किसान सभा के बैनर तले दुग्ध उत्पादकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में क्षेत्र के कई किसानों और दुग्ध उत्पादकों ने भाग लिया, जिन्होंने सरकार और संबंधित विभागों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों की मांगों में हर महीने समय पर दूध का भुगतान करना शामिल था। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार द्वारा घोषित दूध के दाम सीधे किसानों को मिले और इसमें कोई कटौती न हो। किसानों ने भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके खातों में भुगतान करने की मांग की। इसके लिए मिल्क फेडरेशन में ईआरपी सिस्टम लागू करने पर जोर दिया गया। दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए मांगी आधुनिक मशीनें इसके अतिरिक्त, हर दुग्ध सोसाइटी में दूध मापने और गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों ने पशुओं के लिए सस्ती दरों पर चारा उपलब्ध कराने, चिलिंग सेंटर और मिल्क प्लांट दत्तनगर में खाली पड़े पदों को तुरंत भरने की भी मांग रखी। चोकर प्लांट बने व पशु औषधालयों के खाली पदों को भरा जाए प्रदर्शनकारियों ने दत्तनगर क्षेत्र में चोकर प्लांट स्थापित करने, पशु औषधालयों में खाली पदों को भरने तथा उन्नत व सेक्स-सॉर्टेड सीमन उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद जैसे घी, मक्खन, दही, पनीर और अन्य वस्तुएं स्थानीय मिल्क प्लांट में ही तैयार की जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।