हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में भंगाणी जोन के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप चौहान अपनी ही पार्टी के खिलाफ शिमला में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी बनाने में गिरीपार क्षेत्र की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार से सवाल पूछा कि क्या ‘हम लोग नारेबाजी’ करने को है। प्रदीप चौहान सिरमौर से शिमला पहुंचकर राजीव भवन के बाहर 24 घंटे के धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने यदि उनकी बात नहीं मानी तो वह दिल्ली जाकर भी अनशन करेंगे। वह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के समक्ष अपनी आवाज उठांगे। प्रदीप ने सरदार हरप्रीत रतन को ब्लॉक अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि गिरीपार क्षेत्र से ब्लॉक अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। अल्पसंख्यकों को दिए गए पद: प्रदीप चौहान ने कहा कि पांवटा साहिब में ब्लॉक अध्यक्ष सहित सभी पद अल्पसंख्यकों को दिए गए हैं, सरकार में तीन डायरेक्टर और तीन मंडल अध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय से बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गिरीपार क्षेत्र के लोगों न तो ब्लॉक, न जिला और न ही राज्य कार्यकारिणी में स्थान दिया गया। विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हरप्रीत को अध्यक्ष बनाने से नाराज प्रदीप चौहान ने कहा कि सरदार हरप्रीत रतन विधानसभा चुनाव में बागी होकर भाजपा में शामिल हुए थे। विधानसभा चुनाव के बाद वे दोबारा कांग्रेस में लौटे और अब उन्हें ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। दिन-रात पार्टी को काम करने वाले नेताओं की अनदेखी के आरोप प्रदीप चौहान के अनुसार- जो कार्यकर्ता दिन-रात पार्टी के लिए काम करते हैं, उन्हें अनदेखा किया जा रहा है, जबकि मौका परस्त लोगों को पद दिए जा रहे हैं। इससे आम कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है। उन्होंने राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी इस मामले को उठाने की बात कही।

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