हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (टांडा) ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि संस्थान ने प्रदेश की पहली रोबोटिक व्हिपल्स सर्जरी सफलतापूर्वक करके एक रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि टांडा को देश के चुनिंदा अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्रों की कतार में खड़ा करती है। संस्थान में 30 करोड़ रुपये का रोबोटिक सर्जरी सेंटर 12 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा चंडीगढ़ से वर्चुअली उद्घाटित किया गया था। शिमला के चमियाणा के बाद टांडा प्रदेश का दूसरा ऐसा सरकारी अस्पताल है जहाँ यह अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है। इस केंद्र के शुरू होने के बाद से, महज कुछ ही महीनों के भीतर गाइनी, जनरल सर्जरी और यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों द्वारा 100 से अधिक रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि अब संस्थान में 3-टेस्ला एमआरआई और पेट स्कैन जैसी सुविधाओं की स्थापना की तैयारी है। मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा टांडा मेडिकल कॉलेज पर उत्तर भारत के मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। यहां बेड ऑक्यूपेंसी दर 105 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सालाना लगभग 5.89 लाख मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं और करीब 37 हजार सर्जरी की जाती हैं। मरीजों की इस भारी भीड़ और सर्जरी के वेटिंग पीरियड को कम करने के लिए सरकार ने हाल ही में कैबिनेट के जरिए सुपर-स्पेशलिस्ट के नए पदों को मंजूरी दी है। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और यूरोलॉजी जैसे विभागों में विशेषज्ञ तैनात किए जा रहे हैं। इससे गंभीर मरीजों को बिना देरी के सुपर-स्पेशियलिटी उपचार मिलना सुनिश्चित होगा। अस्पताल में मैनपावर की कमी होगी दूर अस्पताल में मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए हाल के दिनों में 300 स्टाफ नर्स, 27 सीनियर रेजिडेंट्स, 14 कैजुअलिटी मेडिकल ऑफिसर और 47 वार्ड बॉय सहित भारी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 30 सुरक्षा गार्ड पहले ही ड्यूटी जॉइन कर चुके हैं।