किन्नौर में भाजपा ने शनिवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ रिकांगपिओ में जन आक्रोश रैली निकाली। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं और कानून व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने सरकार पर किए गए वादों को पूरा न करने और जनता को ठगने का आरोप लगाया। भाजपा के पांच मंडलों के कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने रिकांगपिओ बाजार में सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रैली निकाली। रामलीला मैदान में पार्टी के नेताओं ने सरकार पर जमकर हमला बोला। रैली को संबोधित करते हुए पूर्व वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी और भाजपा जिलाध्यक्ष यशवंत नेगी ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में प्रदेश में विकास पूरी तरह रुक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने सत्ता में आते ही करीब दो हजार सरकारी संस्थान बंद कर दिए। 1500 रुपये प्रति माह देने का वादा पूरा न करने का आरोप नेताओं ने प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की खराब स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह देने के वादे को पूरा न करने का मुद्दा उठाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किन्नौर दौरे के दौरान इस घोषणा में 2 लाख रुपये की आय की शर्त लगाकर महिलाओं को गुमराह किया, जिससे किन्नौर में किसी भी महिला को यह राशि नहीं मिल पा रही है। नेता बोले-250 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाला नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगा है और किन्नौर में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। रोजगार देने के बजाय, सरकार ने 250 आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है, बल्कि केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

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