शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ठियोग में कोर्ट के एक चपरासी को चिट्टा (हेरोइन) मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी दो दिन के भीतर हुई है, इससे पहले एक बैंक मैनेजर को भी इसी तरह के मामले में पकड़ा गया था। इससे पहले, 12 अप्रैल 2026 को पुलिस थाना ठियोग की टीम ने नंगलदेवी के पास एक कार की तलाशी ली थी। इस दौरान कुलदीप वर्मा निवासी नलेहा के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर NDPS के तहत मामला दर्ज किया गया था। व्हाट्सऐप चैट में खरीद फरोख्त का खुलासा जांच के दौरान, आरोपी कुलदीप वर्मा उर्फ आशू से गहन पूछताछ की गई। उसने खुलासा किया कि बरामद चिट्टा उसने हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने के उद्देश्य से प्राप्त किया था। पुलिस ने इस संबंध में तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में दोनों आरोपियों के बीच व्हाट्सऐप चैट में मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त से संबंधित बातचीत पाई गई, जिससे उनके बीच आपसी समन्वय और अवैध कारोबार की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, हितेन्द्र मेहता द्वारा कुलदीप वर्मा को यूपीआई के माध्यम से किए गए भुगतान भी सामने आए, जो इस अवैध लेन-देन को पुष्ट करते हैं। JMFC कोर्ट में कार्यरत है पकड़ा गया आरोपी उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू की मामले में सक्रिय संलिप्तता स्थापित हुई। हितेन्द्र मेहता वर्तमान में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) ठियोग में बतौर चपरासी कार्यरत है। उसे 17 अप्रैल 2026 को विधि अनुसार गिरफ्तार किया गया। अभियोग में धारा 29 NDPS एक्ट भी जोड़ी गई है। वर्ष 2026 के दौरान, जिला शिमला पुलिस द्वारा NDPS एक्ट के तहत कुल 100 अभियोग दर्ज किए गए हैं, जिनमें 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 38 आरोपियों को बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर गिरफ्तार किया जाना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस केवल सतही कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुनियोजित एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है।