हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ की बुआसनी पंचायत में प्रधान का पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। नालागढ़ के पूर्व विधायक के.एल. ठाकुर ने आरक्षण रोस्टर पर सवाल उठाए हैं। के.एल. ठाकुर ने कहा कि बुआसनी पंचायत में एक भी OBC परिवार नहीं है, फिर भी प्रधान पद आरक्षित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण रोस्टर सही आंकड़ों के आधार पर नहीं बनाया गया। वास्तविक आंकड़ों के अनुरूप रोस्टर तैयार नहीं
उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी ऐसी ही गलती के कारण पंचायत चुनाव में देरी हुई थी, लेकिन प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया। पूर्व विधायक ने बताया कि रोस्टर में बार-बार बदलाव के बावजूद इसे वास्तविक आंकड़ों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केवल बुआसनी ही नहीं, बल्कि नगर परिषद नालागढ़ और कई अन्य पंचायतों में भी लोग रोस्टर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक दबाव में ऐसा किया गया: ठाकुर
के.एल. ठाकुर ने आरोप लगाया कि बिना OBC परिवार के सीट को आरक्षित करना राजनीतिक दबाव का संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता आने वाले चुनावों में इस मुद्दे का जवाब देगी। बुआसनी में नामांकन नहीं हुआ तो उपचुनाव तय
जाहिर है कि बुआसनी पंचायत में यदि कोई OBC परिवार नहीं है, तो इस स्थिति में यहां नामांकन नहीं होगा। इससे पंचायत चुनाव भी नहीं हो पाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग छह महीने बाद उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा, जिसके दौरान यहां चुनाव होंगे। इससे पहले आरक्षण रोस्टर में बदलाव किया जाएगा।

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