हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के आठ बार के विधायक, तीन बार के मंत्री एवं पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। द्रंग विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान कौल सिंह ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से बेहतर बताया। इस दौरान उन्होंने मौजूदा सरकार पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोप लगाए। ठाकुर ने कहा कि किसी की ट्रांसफर करवाओ तो तीन-तीन महीने तक आदेश नहीं होते। ग्राउंड पर इससे कार्यकर्ता मायूस हैं। उन्होंने कहा- “कुछ दिन पहले प्रिंसिपल बने। मैंने कुछ प्रिंसिपलों के नाम दिए, लेकिन जिनके नाम दिए गए, उन्हें दूर-दराज के दुर्गम क्षेत्रों में भेज दिया गया। फिर अपनी पार्टी का क्या फायदा? हमारे कई स्कूल खाली हैं और जो प्रमोट हुए, उन्हें बाहर भेज दिया गया। इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।” कौल सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मौजूदा सरकार की तुलना कर डाली। कौल सिंह ने वीरभद्र सिंह की कार्यशैली की सराहना और सुक्खू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- प्रतिभा सिंह-नीरज भारती भी सवाल खड़े कर चुके
कौल सिंह ठाकुर से पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पूर्व सीपीएस नीरज भारती इत्यादि भी कई बार सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं। अब कौल सिंह ठाकुर के ताजा बयान ने कांग्रेस नेताओं की अंदरूनी लड़ाई और अंतर्कलह को उजागर कर दिया है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की बयानबाजी कांग्रेस के लिए अच्छा संकेत नहीं मानी जा रही। सीएम सुक्खू पर कौल सिंह का निशाना
राजनीतिक तौर पर देखें तो कौल सिंह ठाकुर का बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करता है। दूसरा, यह संकेत देता है कि वरिष्ठ नेताओं को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा। तीसरा, यदि समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर आने वाले चुनावों में संगठनात्मक एकजुटता पर पड़ सकता है। उनका यह बयान सीधे तौर पर सीएम सुक्खू पर निशाना माना जा रहा है। कौल सिंह की मारकंडा से मुलाकात के बाद सियासी चर्चाएं तेज
राजनीति के जानकार मानते हैं कि कौल सिंह ठाकुर के साथ-साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी अंदरखाते मायूस हैं। बीते दिनों यह चर्चा भी तेज रही कि कांग्रेस सरकार से नाराज कुछ नेता राज्य में नई पार्टी का रुख कर सकते हैं। पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री रहे रामलाल मारकंडा कांग्रेस और भाजपा के नाराज नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। मारकंडा का दावा- जल्द नई पार्टी का गठन
सूत्रों के अनुसार, कौल सिंह ठाकुर से भी उनकी (मारकंडा की) मुलाकात हुई है। मारकंडा का दावा है कि जल्द नई पार्टी का गठन किया जा सकता है। ऐसे में यदि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर नहीं की गई, तो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है।

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