हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों के कई इलाकों में तेज ओलावृष्टि ने किसानों-बागवानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ओलों की मार से सेब सहित अन्य फसलों को भारी क्षति हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार- आज भी प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा। शिमला और मंडी जिलों में आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि अन्य जिलों में कोई विशेष अलर्ट नहीं है, लेकिन बारिश और हल्की ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। कल-परसों फिर भारी ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 6 अप्रैल से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर 7 और 8 अप्रैल को ज्यादा देखने को मिलेगा। इस दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 9 से 11 अप्रैल के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कुछ कमजोर पड़ेगा, लेकिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। लगातार बदलते मौसम से तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में बदलाव के बाद तापमान में बढ़ी गिरावट बीते 24 घंटे में कई शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है। तापमान की बात करें तो शिमला में अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। नाहन में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जहां तापमान 6.3 डिग्री नीचे रहा। इसके अलावा सोलन में 5.4, मनाली में 4.1, जुब्बड़हट्टी में 4.0 और मंडी में 3.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां ठंड का एहसास बढ़ा दिया है, वहीं किसानों और बागवानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।