एस. जयशंकर ने रायसीना डायलॉग में कहा कि भारत ने मानवीय आधार पर IRIS लावन को कोच्चि में शरण दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय तनाव के बीच जहाज के 183 नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत यह फैसला लिया। 

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