लालू यादव के शासन में लोगों ने जंगलराज देखा। नीतीश कुमार की छवि सुशासन बाबू की बनी। ऐसी असमानता राजनीति में कम देखने को मिलती है। इसीलिए नीतीश कुमार का पटना से दिल्ली जाना बिहार में एक बड़ी शून्यता पैदा करेगा। उनकी जगह लेना किसी के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। 

Spread the love