शिमला जिले के रोहड़ू में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जहां विभाग ने बाजार की छह ज्वेलरी दुकानों पर एक साथ छापेमारी कर तेंदुए के 86 नाखून, 5 दांत और दुर्लभ पक्षियों के पंख बरामद किए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर दिनदहाड़े की गई। इस अभियान के लिए वन विभाग ने 46 अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिन्होंने एक साथ कई दुकानों पर दबिश दी। छापेमारी में कुल लगभग 100 वन्यजीव अंग जब्त किए गए, जिनमें से करीब 10 की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।जब्त की गई सभी सामग्री वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई बता दे कि इन अंगों को कब्जे में लेकर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।मामले की पुष्टि करते हुए डीएफओ रवि शंकर शर्मा ने बताया कि तेंदुआ एक संरक्षित वन्यजीव है। उसके अंगों का संग्रह, बिक्री या उनसे आभूषण बनाना गंभीर अपराध है। ताबीज, लॉकेट बनाने में हो रहा था उपयोग उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के अनुसार कुछ ज्वेलर तेंदुए के नाखूनों और दांतों का उपयोग ताबीज, लॉकेट और अन्य सजावटी गहने बनाने में कर रहे थे, जिन्हें अंधविश्वास के नाम पर बेचा जा रहा था। वन विभाग ने जनता से ऐसे उत्पादों से दूर रहने और अवैध कारोबार की जानकारी तुरंत विभाग को देने की अपील की है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा। इसका उद्देश्य वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

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