हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम का दौर अब समाप्त होने वाला है। मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्य व निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इससे प्रदेश को सूखे जैसी स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो ताबो ठंडा रहा। यहां का तापमान -2.6 दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में -1.6 टेंपरेचर रहा। इसके अलावा धर्मशाला, बिलासपुर, सोलन और ऊना का तापमान भी काफी नीचे रहा। आज रात से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 19 जनवरी की रात से मौसम में बदलाव शुरू होगा। 22 जनवरी को ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जबकि 23 जनवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा के ऊपरी इलाकों, कुल्लू और शिमला जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। वहीं, मध्य पर्वतीय और निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 जनवरी को बारिश-बर्फबारी का दायरा और बढ़ने की संभावना है। तापमान में बढ़ोत्तरी का अनुमान बारिश और बर्फबारी से पहले न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ सकती है। मौसम में इस बदलाव से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण फसलों और सेब की बागवानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। बर्फबारी से जल स्रोतों और मिट्टी की नमी में भी सुधार होगा, जो कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल, मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।