मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के टैक्सी ऑपरेटर जितेंद्र कुमार ने एक इंश्योरेंस कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रीमियम जमा करने और सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद दुर्घटना के बाद कंपनी ने उनका बीमा क्लेम खारिज कर दिया। यह मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। जितेंद्र कुमार के अनुसार, उन्होंने अपनी बलेनो कार (टैक्सी परमिट पर रजिस्टर्ड) नेक्सा मारुति सुजुकी शोरूम से खरीदी थी और वहीं से एक इंश्योरेंस कंपनी से बीमा करवाया था। उन्होंने बताया कि गाड़ी को 28 नवंबर 2025 को एमवीआई से पास करवाया गया था। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को आरटीओ द्वारा वाहन नंबर जारी किया गया। उसी दिन एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए भी आवेदन किया गया था। एक्सीडेंट में हुआ गाड़ी को नुकसान 8 दिसंबर 2025 को यह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें लगभग ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ। कंपनी के सर्वेयर मुकुल चौहान ने नुकसान का आकलन भी किया, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने क्लेम मंजूर करने से इनकार कर दिया। पीड़ित टैक्सी ऑपरेटर ने अब कोर्ट में मुआवजे की अपील दायर की है और सरकार से कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर, बीमा कंपनी की गुटकर शाखा के सर्वेयर मुकुल चौहान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दुर्घटना के दिन संबंधित वाहन के पास वैध टैक्सी परमिट नहीं था। उन्होंने बताया कि टैक्सी मालिक वाहन का वाणिज्यिक उपयोग बिना परमिट के कर रहे थे। वर्कशॉप में दस्तावेज मांगे जाने पर भी वे परमिट प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके चलते नियमों के अनुरूप उनका क्लेम रद्द किया गया है।

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