हिमाचल की राजधानी शिमला की संजौली मस्जिद में आज (शुक्रवार को) बाहरी मुस्लिम लोगों को जुमे की नमाज पढ़ने से रोका गया। इस दौरान- देवभूमि संघर्ष समिति और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच बहस भी हु़ई। मगर किसी भी बाहरी व्यक्ति को नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद के अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे, कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बना। मगर मौके पर पहले से तैनात पुलिस ने सभी को शांत करवाया। इस विवाद को देखते हुए मस्जिद के बाहर और संजौली बाजार में काफी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे। हालांकि, शिमला के मुस्लिमों को मस्जिद के भीतर जाने से नहीं रोका गया। दरअसल, संजौली मस्जिद को नगर निगम आयुक्त और जिला अदालत अवैध करार दे चुकी है। इसलिए, बाहरी लोगों को मस्जिद में प्रवेश से रोका गया। महिलाओं ने नमाज पढ़ने आए लोगों को मस्जिद के बाहर से ही वापस भेजा। कुछ लोग मस्जिद के भीतर जाने की जिद्द पर अड़े रहे। महिलाएं बोली- पहले भी बाहरी लोगों ने माहौल खराब किया स्थानीय महिलाओं ने कहा- पहले भी बाहरी राज्यों के लोगों ने माहौल खराब किया और मस्जिद आने वाले स्थानीय लोगों के घरों में ताक-झांक करते थे। इससे कॉलोनी के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे थे। इसी वजह से बीते साल संजौली मस्जिद को लेकर विवाद हुआ और देशभर में इसकी चर्चाएं रही। निगम आयुक्त ने दिए पूरी मस्जिद तोड़ने के आदेश शिमला नगर निगम आयुक्त संजौली मस्जिद को अवैध करार दे चुके हैं। उन्होंने इसे तोड़ने के आदेश दे रखे है। उनके आदेशों पर ऊपर की दो मंजिल तोड़ी जा चुकी है। इस बीच वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत में चुनौती दी। इससे निचली तीन मंजिल तोड़ने का काम रुक गया। बीते 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने भी नगर निगम आयुक्त कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए हटाने के आदेश दिए है। अब सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला… यहां देखे संजौली मस्जिद के बाहर आज के तनाव की PHOTOS..