हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हिमालयन दिव्यांग कल्याण संस्था ने हिम बस कार्ड योजना से दिव्यांगों को छूट देने की मांग उठाई है। संस्था ने सोमवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया कि दिव्यांगों के लिए पहले से जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड को ही मान्य किया जाए। UDID कार्ड से मिलती हैं सरकारी सुविधाएं
संस्था की प्रधान हेमलता पठानिया ने बताया कि दिव्यांगों के पास पहले से ही UDID कार्ड उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से उन्हें कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य किया गया, तो UDID कार्ड की प्रासंगिकता और महत्व कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री से हुई थी मुलाकात
हेमलता पठानिया ने बताया कि संस्था के प्रतिनिधि पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मिले थे। उस समय मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि हिम बस कार्ड बनवाने के लिए दिव्यांगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन अब उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं, जिसका संस्था विरोध कर रही है। आर्थिक बोझ का हवाला देकर की छूट की मांग
संस्था ने अपनी मांग में कहा कि हिम बस कार्ड बनवाने से दिव्यांगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसलिए UDID कार्ड को ही मान्य कर हिम बस कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए। संस्था ने उपायुक्त से दिव्यांगों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में सरकार को अनुशंसा भेजने का अनुरोध किया है।

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