हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में सोमवार को वरिष्ठ नागरिक मंच, स्थानीय लोगों, भाजपा पदाधिकारियों और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने वृद्ध समाजसेवी देशबंधु जामला के पक्ष में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए पुलिस और प्रशासन के रवैये पर कड़ा विरोध जताया। बाद में उन्होंने एसडीएम देहरा को ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया है। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों के तबादले की मांग की गई। एसपी मयंक चौधरी ने दिलाया न्याय का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी देहरा मयंक चौधरी से मुलाकात की। एसपी ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच और न्याय का पूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा। स्थानीय लोगों और संगठनों की बड़ी भागीदारी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। लोगों का कहना था कि वृद्ध समाजसेवी देशबंधु के साथ हुई घटना न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि समाज में कार्य करने वालों के मनोबल पर भी चोट है। इस मौके पर बीजेपी जिलाध्यक्ष अजय खट्टा, महासचिव सुशील कालिया, भाजपा नेता अचल पठानिया, पवन शर्मा (विश्व हिंदू परिषद), सुरेन्द्र सूद, रंजीत चौहान, सुनील शर्मा, अंजना डोगरा, शिमला देवी, सोनिका ठाकुर, महिंद्र सिंह, कपिल सूद, त्रिलोक शर्मा, विनोद डोगरा, कालिदास शर्मा, कर्णवीर सूद, नीलम राणा सहित कई लोग उपस्थित रहे। ज्ञापन में लगाए गए गंभीर आरोप
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि दो दिन पूर्व एसडीएम कार्यालय देहरा के बाहर देशबंधु जामला के साथ हुई घटना में पुलिस और कुछ अधिकारियों का रवैया पक्षपाती रहा। आरोप लगाया गया कि जब तक यह मामला मीडिया में नहीं आया, तब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई और आरोपी महिला को थाने में विशेष मेहमान की तरह रखा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यदि देहरा में ऐसे अधिकारी रहेंगे तो जनता को न्याय नहीं मिलेगा और सरकार की छवि धूमिल होगी। मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग
लोगों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस घटना की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो सके। ये था पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट देहरा में पेशी के दौरान एक महिला ने वृद्ध समाजसेवी देशबंधु जामला पर मिट्टी का तेल फेंक दिया और जूतों की माला पहनाने की कोशिश की। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। बाद में दोनों पक्षों को थाने ले जाकर जांच शुरू की गई। देशबंधु जामला का सामाजिक योगदान
देशबंधु जामला रक्कड़ क्षेत्र के निवासी हैं और सामाजिक कार्यों व जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं। वे पूर्व में रक्कड़ सिविल अस्पताल को 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा दिलाने के लिए आमरण अनशन भी कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वृद्ध समाजसेवी को न्याय दिलाने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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