शिमला के राम पुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में स्पीति के पिन वैली क्षेत्र के चेरिंग डेंडुप का चामुर्ति नस्ल का घोड़ा 84 हजार रुपये में बिका। उत्तराखंड के एक खरीदार ने इस घोड़े को खरीदा, जो अश्व प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रहा। पाटबंगला मैदान में आयोजित इस अश्व प्रदर्शनी में पारंपरिक नस्लों के सुंदर और शक्तिशाली घोड़ों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सहनशक्ति के ळिए प्रसिद्ध है घोड़ा शीत मरुस्थल का घोड़ा कहे जाने वाले इस चामुर्ति घोड़े को अपनी मजबूती, सहनशीलता और सुंदर बनावट के लिए जाना जाता है। यह घोड़ा कठोर जलवायु में पाला गया है और अपनी सहनशक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मेले के दूसरे दिन हुई नीलामी में इसे सबसे अधिक कीमत पर खरीदा गया। वन एवं पशुपालन विभाग की देखरेख में आयोजित इस प्रदर्शनी में दर्जनों घोड़ा पालकों ने हिस्सा लिया। डॉक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि ऐसे आयोजन पारंपरिक नस्लों के संरक्षण और स्थानीय पशुपालकों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इन आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये क्षेत्र की पहचान और आजीविका दोनों को सशक्त बनाते हैं।