रेवाड़ी के गांव पीथड़ावास में शुक्रवार रात एक लग्न समारोह के दौरान 30 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने मनेठी निवासी तरुण उर्फ मोनी और जड़थल निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। घटना शुक्रवार रात को हुई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या कहासुनी के विवाद में की गई। जितेंद्र उर्फ जीतू ने बधराणा निवासी इंद्रजीत की गर्दन में गोली मार दी थी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ पहले से ही मारपीट, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पर सवाल: रात को हुई घटना दूसरे दिन दोपहर को FIR इस घटना से रेवाड़ी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वारदात शुक्रवार रात को हुई थी, लेकिन प्राथमिकी (FIR) शनिवार दोपहर को दर्ज की गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की थी। पुलिस के दावे खोखले हैं, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में जिले में अवैध हथियारों से कई हत्याएं हुई हैं, लेकिन कोई बड़ा स्रोत पकड़ा नहीं गया है। अवैध हथियारों पर रोक नहीं लोगों का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी तेजी से बढ़ी है। यह आसानी से युवाओं तक पहुंच रहा। इसके चलते हत्या और हत्या के प्रयास के मामले बढ़े हैं। आए दिन फायरिंग की घटनाएं हो रही है। पुलिस को अवैध हथियारों पर रोक लगानी चाहिए। लेकिन उसके इसपर रोक लगाने का दावे फेल साबित हो रहे हैं। इस साल से अवैध हथियारों की सबसे ज्यादा प्रा​थमिकी एसपी आईपीएस हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल अवैध हथियारों से संबंधित 51.3 प्रतिशत ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए एक अलग टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने पुलिस के पूरी तरह सक्रिय होने का दावा किया।

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