किन्नौर के रिकांगपिओ में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संबंधित अधिकारियों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान लोक निर्माण और पुलिस विभाग को संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने तथा यातायात सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर ने बताया कि किन्नौर पुलिस नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इसके तहत, शादियों के दौरान जिस घर में भी विवाह होगा, उसके नजदीक पुलिस नाका लगाया जाएगा। नशे में वाहन चलाने पर ड्राइवर का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। 2025 में अब तक 5557 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई बैठक में बताया गया कि जिले में वर्ष 2025 से अब तक कुल 5557 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 202 मामले शराब पीकर गाड़ी चलाने के, 4977 ओवरस्पीडिंग के और 38 मोबाइल फोन के उपयोग से संबंधित हैं। इस अवधि में 172 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश क्षेत्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भेजी गई है। शराब के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस का कर्तव्य एसपी शेखर ने सभी प्रधानों और जन प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों को शराब पीकर वाहन न चलाने के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है और शराब के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस का कर्तव्य है। उन्होंने जनता से इस अभियान में जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप मंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, ड्रग निरीक्षक विद्या सेन नेगी, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा कुलदीप सिंह डोगरा, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. अरुण गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।