कांगड़ा जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले में 65 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। साथ ही 92 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। डीसी हेमराज बैरवा ने बुधवार को एनआईसी सभागार में समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पेयजल योजनाओं की बहाली के लिए तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग से क्षति का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। इंदौरा उपमंडल में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां 820 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तीन राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग को जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग बड़ा भंगाल क्षेत्र में राशन आपूर्ति की योजना बना रहा है। कृषि विभाग फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेगा। नेशनल हाईवे प्राधिकरण को क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत के आदेश दिए गए हैं। दलाई लामा के आने से पहले रास्ता खोले-तिब्बती प्रशासन
धर्मशाला में भारी बारिश ने पिछले 64 सालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे धर्मशाला से मैक्लोडगंज जाने वाला मुख्य मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जोगीवाड़ा रोड और खड़ा डंडा सड़क पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष पेन्पा सेरिंग ने सड़कों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दलाई लामा की आगामी वापसी से पहले युद्धस्तर पर मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। धर्मशाला में एक ही रात में 333 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जुलाई में कुल 429.9 मिमी बारिश हुई, जो पिछले साल से काफी अधिक है। भारी मलबे के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं और कुछ स्थानों पर छोटे वाहन भी नहीं गुजर पा रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन ने मशीनरी लगा दी है।

Spread the love