हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आज यानी शनिवार को व्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन मंजिला घर नदी में बह गया। नूरपुर उपमंडल में पौंग बांध से छोड़े गए पानी से मंड़ क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई है। व्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से मंड भोग्रवां गांव में कई एकड़ जमीन जलमग्न हो गई है। एक तीन मंजिला घर नदी में बहने की स्थिति में पहुंच गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भवन को खाली करवा लिया। ग्रामीणों ने इस तबाही का कारण अवैध खनन को बताया है। उनका कहना है कि खनन माफिया द्वारा नदी में कैरेट डालने से पानी का प्राकृतिक बहाव बदल गया है। इससे आसपास के क्षेत्रों को नुकसान पहुंच रहा है। अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारी केवल मौका मुआयना कर रहे हैं। अभी तक कोई तत्काल राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन जारी है। इसकी कीमत वे अपने घर और जमीन खोकर चुका रहे हैं। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से दो मुख्य मांगें की हैं। पहली, तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। दूसरी, अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।