हिमाचल की राजधानी एवं मशहूर पर्यटन स्थल शिमला में जल संकट गहरा गया है। शहर में बीते 3 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। इससे शिमला शहर में लोग बरसात के मौसम में भी पानी को तरस रहे हैं। शिमला शहर को पेयजल सप्लाई करने वाली अलग अलग परियोजनाओं को भारी बारिश नुकसान पहुंचा है और नालों में गाद के कारण पानी लिफ्ट नहीं किया जा सकता। शिमला शहर को पेयजल सप्लाई करने वाली चाबा, गुम्मा और गिरी परियोजना को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। चाबा परियोजना का पंपिंग स्टेशन पूरी तरह पानी में डूब गया। गुम्मा योजना से जुड़ी नौटी खड्ड में भी पंपिंग सिस्टम कार्य नहीं कर पा रहा। इससे शहर में पानी की किल्लत हो गई है। गिरी योजना का पानी भी गाद के कारण लिफ्ट नहीं हो पा रहा भारी बारिश के गिरी परियोजना में भी अत्यधिक मात्रा में गाद आ गई है। ऐसे में पानी की लिफ्टिंग नहीं की जा सकती। चिंता इस बात की है कि पहाड़ों पर निरंतर बारिश हो रही है। इससे गाद कम नहीं हो रही। दावा किया जा रहा है कि गिरी और नौटी खड्ड की क्षतिग्रस्त परियोजनाएं की लाइन को ठीक कर दिया गया है। पंपिंग सिस्टम को ठीक करने में अभी एक-दो दिन और लग सकते है। ऐसे में मौसम ठीक रहा तो शिमला शहर में पानी की आपूर्ति सामान्य होने में 2 से 3 दिन लग सकते हैं। AGM बोले-युद्ध स्तर पर चल रहा बहाली का काम शिमला शहर के लिए पानी की सप्लाई करने वाली कंपनी SJPNL के AGM विनोद नेगी ने बताया, भारी बारिश के कारण पंपिंग स्टेशनों पर गाद भर गई थी। कुछ पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई थी। जिसके कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, प्रबंधन के प्रयासों से बीते 24 घंटों में 20 MLD (200 लाख लीटर) पानी शिमला शहर में पहुंच गया है। अलग अलग परियोजनाओं में तरह-तरह की दिक्कत आ रही है, लेकिन जल्द ही समस्याओं को दूर कर शहर में सुचारू रूप से पानी की सप्लाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है लोग आवश्यकता अनुसार जल का प्रयोग करें। बता दें कि शिमला शहर में रोजाना पेयजल सप्लाई देने को 40 MLD (400 लाख लीटर) पानी की जरूरत होती है। मगर बीते 24 घंटे में शहर में लगभग 20 MLD लीटर पानी पहुंच पाया है। बीते गुरुवार को पानी की सप्लाई नहीं हो सकती। शुक्रवार को भी लगभग 6 MLD पानी सप्लाई हुआ है। ऐसे में शिमला वासियों को अगले दो तीन दिन पेयजल संकट से और जूझना पड़ सकता है।

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