हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पार्टी हाईकमान ने फिर से दिल्ली तलब किया है। CM सुक्खू आज जिस वक्त एम्स चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी का शुभारंभ कर रहे थे, उस दौरान उन्हें कांग्रेस हाईकमान से फोन आया और दिल्ली आने को बोला गया। हालांकि CM का अभी दिल्ली का प्रोग्राम तय नहीं हो पाया है। आज खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर की उड़ान भी संभव नहीं है। लिहाजा मुख्यमंत्री कल या परसों दिल्ली जा सकते हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो दिल्ली में कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला होना है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का 3 साल से ज्यादा का कार्यकाल हो गया है। ऐसे में उनकी जगह नए अध्यक्ष की ताजपोशी की जानी है। 9 महीने, 6 दिन से बिना संगठन के कांग्रेस कांग्रेस का नया संगठन भी तय होना है, क्योंकि हिमाचल में 9 महीने 6 दिन से कांग्रेस की राज्य, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी भंग है। पार्टी की धरातल पर गतिविधियां बंद पड़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के अलावा कई नेता बार बार कांग्रेस हाईकमान से जल्दी नया संगठन बनाने का आग्रह कर चुके है। मगर हाईकमान ने इसे अब तक गंभीरता से नहीं लिया। राहुल के समक्ष देरी का मसला उठा चुके प्रदेश के नेता बीते सप्ताह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दिल्ली में हुई मीटिंग में प्रतिभा सिंह ने फिर से संगठन के गठन में देरी का मसला उठाया। देरी को लेकर राहुल गांधी ने भी नाराजगी जताई। उस दिन प्रदेश के बड़े नेताओं की संगठन को लेकर राय ली गई। माना जा रहा है कि सीएम के दिल्ली दौरे के बाद एक-दो दिन में नया संगठन और कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया जाएगा। मंत्रियों में रोहित का नाम खूब चर्चा में हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, आशीष बुटेल, विनय कुमार और विनोद सुल्तानपुरी के नाम चर्चा में है। मुख्यमंत्री सुक्खू कह चुके हैं कि यदि अनुसूचित जाति या फिर कैबिनेट मंत्रियों में से किसी एक को मंत्री बना दिया जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। ऐसे में रोहित ठाकुर के भी अध्यक्ष बनने की चर्चाएं काफी ज्यादा है। आशीष बुटेल की दावेदारी भी मजबूत कुलदीप राठौर अध्यक्ष बनने को इनकार कर चुके हैं। फिर आशीष बुटेल का नाम चर्चा में आता है। वह प्रदेश की सत्ता की चाबी सौंपने वाले कांगड़ा जिला से संबंध रखते है और राजनीति में उनका अच्छा खासा रसूख हैं। उनके पिता बीबीएल बुटेल 5 बार विधायक रहे हैं। आशीष बुटेल खुद भी दो बार विधायक बन चुके हैं। SC कोटे से विनय कुमार बड़े दावेदार वहीं एससी नेताओं में विनय कुमार और विनोद सुल्तानपुरी की दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा है। खासकर चार बार के विधायक विनय कुमार को एससी कोटे से अध्यक्ष का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। अब किसे अध्यक्ष बनाया जाता है, यह हाईकमान तय करेगा।