हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस पर राम मंदिर और धार्मिक आस्था के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, लेकिन अब वह राजनीतिक लाभ के लिए भगवान श्रीराम के नाम का सहारा ले रही है। कंगना रनौत ने दावा किया कि प्रदेश और देश की जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को पहचान चुकी है। सांसद कंगना रनौत ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण सदियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी और राम मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधाएं खड़ी कीं। अब जब मंदिर बन चुका है और देशभर के लोग उससे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, तो कांग्रेस उसी विषय पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। राम मंदिर और धार्मिक आस्था की बातें केवल शिगूफा कंगना रनौत ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, प्रदेश सरकार ने मंदिरों की संपत्ति और उनके धन पर अधिकार जताने तथा उसे सरकारी योजनाओं में उपयोग करने का प्रयास किया है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं द्वारा राम मंदिर और धार्मिक आस्था की बातें करना केवल राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है। भाजपा हमेशा सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था के साथ कंगना रनौत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी हमेशा सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा ने कभी भी आस्था को वोट बैंक की राजनीति का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि उसे भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत के रूप में सम्मान दिया है। विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति जरूरी सांसद ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति चाहती है, न कि धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने के प्रयास। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि राम मंदिर जैसे पवित्र विषय पर राजनीति करने के बजाय अपनी सरकार के कामकाज और जनहित के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।