हिमाचल के धर्मशाला स्थित खनियारा घाटी में स्थित प्रसिद्ध नागुनी वॉटरफॉल अब पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। धौलाधार की वादियों में चक्कबन धार के रास्ते पर मौजूद इस झरने तक पहुंचने के मार्ग पर ‘इंदिरा प्रियदर्शिनी हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड’ ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाबंदी लगाई है। यह झरना सुक्कड़ और खरोटा के पास, धर्मशाला से लगभग 8-10 किलोमीटर दूर स्थित है। पर्यटकों को झरने तक पैदल जाने की अनुमति वीपीओ खनियारा में स्थित इस हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रशासन ने निर्माण कार्य की सुरक्षा के लिए रास्ते में एक चेक पोस्ट स्थापित की है। इस चेक पोस्ट से प्रोजेक्ट के भारी वाहनों को तो आवाजाही की अनुमति है, लेकिन आम पर्यटकों के दोपहिया वाहनों को भी आगे जाने से रोका जा रहा है। पर्यटकों को झरने तक पैदल जाने की अनुमति दी जा रही है। यह प्रतिबंध स्थानीय प्रशासन द्वारा नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा लगाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से लिया फैसला प्रोजेक्ट के जीएम पवन सोनी ने बताया कि निर्माण कार्य अभी जारी है। उन्होंने कहा कि भारी मशीनरी और निर्माण गतिविधियों के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पर्यटकों के वाहनों को इस मार्ग पर रोका जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस पूरे मामले पर पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि नागुनी वॉटरफॉल एक खूबसूरत गंतव्य है, लेकिन इसे अभी तक जिला प्रशासन या पर्यटन विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हाइड्रो प्रोजेक्ट द्वारा सड़क रोके जाने के संबंध में जिला और उपमंडल अधिकारी ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। डीसी ने अपनाया कड़ा रुख मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम धर्मशाला मनोज रतन को निर्देश दिए हैं कि इस अनछुई पर्यटन साइट को प्रमोट करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही, सड़क के सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करने के बाद इसे पर्यटकों की आवाजाही के लिए बहाल किया जाए।