हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान पर घमासान मच गया है, जिसमे उन्होंने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य (‌BDC) की एक दिन की वैल्यू की बात कही हैं। मीडिया से बातचीत में शुक्रवार को CM सुक्खू ने कहा कि प्रधान और उप प्रधान हम (कांग्रेस) जीते है। इन्हीं (प्रधान- उप प्रधान) की वैल्यू होती है। CM ने आगे कहा कि जिला परिषद व बीडीसी की एक दिन की वैल्यू है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर चुने हुए जन प्रतिनिधि भड़क उठे हैं। शिमला के खटनोल वार्ड से नव निर्वाचित जिला परिषद एवं पूर्व बीडीसी रही शिवानी ठाकुर ने आपत्ति जताई और कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संविधान का अपमान करने वाला है। देश का संविधान थ्री टियर सिस्टम में प्रधान, बीडीसी और जिला परिषद तीनों को शक्तियां देता है और मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि इनकी वैल्यू नहीं है। ये नेता बीडीसी व जिला परिषद रहने के बाद MLA-मंत्री बने हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर नजर डाले तो बीडीसी और जिला परिषद में से ही बहुत से नेता आगे चलकर विधायक व मंत्री बने हैं। इनमें मौजूदा पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, आनी से विधायक लोकेंद्र कुमार, लाहौल-स्पीति से विधायक अनुराधा राणा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत राणा इत्यादि नाम शामिल हैं। मीडिया के इस सवाल पर बोले सुक्खू दरअसल, सीएम सुक्खू से मीडिया ने सवाल किया था कि बीजेपी दावा कर रही है कि पंचायतीराज संस्था के हाल में संपन्न चुनाव में भाजपा की जीत हुई है। इस दौरान सीएम सुक्खू ने यह बात कही। राज्य में हाल में संपन्न चुनाव में 1769 BDC और 251 जिला परिषद सदस्य चुनकर आए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि इनकी वैल्यू नहीं है तो चुनाव क्यों करवाए गए। इस पर लाखों रुपए खर्च क्यों किया गया। मुख्यमंत्री ने किया जिला परिषद और बीडीसी का अपमान: वीरेंद्र कंवर हिमाचल के पूर्व पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने सीएम सुक्खू के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद और बीडीसी को मजबूत करने की जरूरत है, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू मजबूत करने के बजाय उनका अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने जिला परिषद और बीडीसी को मजबूत किया था।

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