शिमला जिले के रामपुर में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की रामपुर इकाई ने विभिन्न प्रदेश स्तरीय और स्थानीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुराने बस अड्डे से महाविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार तक रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान, परिषद ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह लागू करने और सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा के व्यापारीकरण को तत्काल बंद करने की भी मांग उठाई। मांगों को लेकर किया प्रदर्शन साथ ही, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) और सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) में मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। एबीवीपी ने रामपुर के पुराने बस अड्डे से कॉलेज के मुख्य द्वार तक पगडंडी निर्माण की भी प्रमुख मांग रखी। परिषद का कहना है कि इस मार्ग के अभाव में छात्रों और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। विधानसभा के घेराव की चेतावनी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले 58 वर्ष की पक्की नौकरी, सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था और बेहतर कानून व्यवस्था के वादे किए थे। हालांकि, वर्तमान में शिक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश से विद्यार्थियों को संगठित कर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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