लाहौल स्पीति की मयाड़ घाटी में आई बाढ़ से छह गांवों में भारी तबाही मची है। करपट, चांगुट, उदगोस, गुधर, तिंगरेट और आसपास के इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण तीन पुल बह गए हैं। मयाड़ नाले पर बना पुल डूब गया है। इससे पूरे क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार संपर्क मार्गों को बहाल नहीं कर पाई है। बाढ़ के मलबे के कारण लोग अपने घर छोड़कर टेंट में रहने को मजबूर हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सड़क संपर्क टूटने से किसानों की तैयार फसलें खेतों में ही सड़ रही हैं। नुकसान का आकलन कर तुरंत मुआवजा देने की मांग
भाजपा नेता और पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक और प्रशासन ने घाटी का दौरा किया, लेकिन लोगों को तत्काल राहत नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र से जनजातीय क्षेत्रों के लिए मिले करोड़ों रुपए कहां खर्च किए गए हैं। रवि ठाकुर ने सरकार से प्रभावित लोगों को जल्द राहत पहुंचाने की मांग की है। साथ ही नुकसान का आकलन कर तुरंत मुआवजा देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले कार्यों को तत्परता से अंजाम दें। ताकि प्रभावितों को राहत मिल सके ।