हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान हिम-केयर योजना को लेकर सत्तापक्ष-विपक्ष में तीखी नोक-झोंक हुई। सत्तापक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गया। दरअसल, नाचन से BJP विधायक विनोद कुमार ने हिम-केयर योजना से जुड़ा सवाल पूछा था। उन्होंने एक कार्डियोलॉजी मरीज का हवाला देते हुए कहा, हिम-केयर योजना से मुफ्त इलाज नहीं मिलने पर एक दादी ने सुनार के पास अपना मंगलसूत्र गिरवी रख दिया। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने कहा, एम्स में 49 करोड़ और IGMC में 69 करोड़ रुपए की पेमेंट पेंडिंग है। उन्होंने पूछा कि मंत्री बताएं पूरे प्रदेश में हिमकेयर योजना की कितनी पेमेंट अभी पेंडिंग पड़ी है। सदन से बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, हिम-केयर योजना का 364 करोड़ रुपए बकाया हो गया है। फिर भी सरकार कह रही है कि हिम-केयर योजना जारी है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया है। ​​​​​​​आनी में स्कूल बंद करने का मामला उठाएंगे लोकेंद्र प्रश्नकाल के बाद आनी में डोगरी प्राइमरी स्कूल को बंद करने से छात्रों को आ रही परेशानी का मामला स्थानीय विधायक लोकेंद्र कुमार सदन में उठाएंगे। वहीं शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया भी बीपीएल चयन को लेकर मानदंडों में छूट का मामला उठाएंगे। कुलपति की नियुक्ति मामले में हो सकती है नोक-झोंक इसके बाद कृषि मंत्री चंद्र कुमार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर और बागवानी विश्वविद्यालय नौणी में कुलपति की नियुक्ति से जुड़े सरकारी विधेयक को प्रस्तुत करेंगे। इस पर चर्चा के दौरान विपक्ष सरकार को घेर सकता है, क्योंकि हिमाचल सरकार और राजभवन में कुलपति मामले में टकराव की स्थिति बनी हुई है। हाईकोर्ट द्वारा स्टे करने के बाद मामला थोड़ा शांत हुआ है। इस बीच सरकार संशोधन विधेयक लाई है। नगर निकाय चुनाव टालना चाह रही सरकार सदन में आज हिमाचल प्रदेश नगरपालिका संशोधन विधेयक पर भी चर्चा हो सकती है। दरअसल राज्य सरकार नए गठित नगर निकाय में चुनाव नहीं कराना चाहती। इसके लिए संशोधन विधेयक लाया गया है। इस विधेयक के पारित होने के बाद नए गठित नगर निकाय में सरकार दो साल तक चुनाव टाल सकेगी।

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