हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस 22 अगस्त से 7 सितंबर तक ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान चलाएगी। इसकी तैयारियों के लिए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल 20 अगस्त तक शिमला आ सकती हैं। वह प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकर इस अभियान को लेकर रणनीति तैयार करेंगी। वोट चोर, गद्दी छोड़ अभियान के तहत कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताएगी कि भारतीय जनता पार्टी ने इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर किस तरह वोट चुराए हैं। इस मसले पर राहुल गांधी के खुलासे के बाद से कांग्रेस पूरे देश में इलेक्शन और BJP पर निरंतर हमलावर है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों पर यह अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत ब्लाक, जिला व राज्य स्तर पर रैलियां करने की योजना है। इसके बाद 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हिमाचल कांग्रेस को निर्देश देगी। प्रदेश कांग्रेस में हलचल बढ़ी रजनी पाटिल के शिमला दौरे से प्रदेश कांग्रेस में भी हलचल तेज हुई है, क्योंकि हिमाचल में कांग्रेस के नए संगठन और प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान होना है। प्रदेश में कांग्रेस के पास 9 महीने 12 दिन से संगठन नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने जाने की चर्चाएं है। सीनियर नेताओं से संगठन को लेकर हो सकती है मुलाकात रजनी पाटिल के शिमला दौरे के दौरान इसे लेकर भी सीनियर नेताओं की उनसे चर्चा संभावित है। इसके बाद नया संगठन और अध्यक्ष की तैनाती संभव है। सूत्रों की माने तो रजनी पाटिल अपने इसी दौरे के दौरान भी प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान भी कर सकती है। प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, कुलदीप राठौर, विनय कुमार, विनोद सुल्तानपुरी के नाम खूब चर्चा में है। अब कांग्रेस किसे यह जिम्मा सौंपती है, यह पार्टी हाईकमान पर निर्भर करेगा। कांग्रेस की गुटबाजी की वजह से अध्यक्ष की ताजपोशी और संगठन का गठन साढ़े नौ महीने से लटका हुआ है।

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