कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में शाम तक जलस्तर बढ़ने के आसार है, क्योंकि काला अंब और नाहन में मूसलाधार बारिश चल रही है। इसलिए मारकंडा नदी से सटे गांवों और कॉलोनी में अलर्ट घोषित किया गया है। कल शाम तक मारकंडा नदी में करीब 20 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। जानकारी के मुताबिक, शाहाबाद में मारकंडा नदी में सुबह तक जलस्तर कम हो गया। सुबह करीब 6 बजे तक मारकंडा में करीब 12 हजार क्यूसेक पानी था, मगर हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर, नाहन और काला अंब में तेज बारिश हो रही है। इसलिए शाम तक मारकंडा का जलस्तर 20 से 25 हजार क्यूसेक पहुंचने के आसार है। काला अंब में 40 हजार क्यूसेक अभी काला अंब में बारिश की वजह से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी बह रहा। मुलाना (अंबाला) में करीब 17 हजार क्यूसेक पानी है। हालांकि शाहाबाद में मारकंडा की कैपेसिटी 35 हजार क्यूसेक है, लेकिन शाहाबाद में मारकंडा में जलस्तर बढ़ने से मारकंडा से सटे गांव में पानी घुस जाता है। शाहाबाद के इन गांव में अलर्ट मारकंडा नदी में जलस्तर बढ़ने से कठवा, पट्टी जामड़ा, गुमटी, मलकपुर, कलसाना, तंगौर, मदनपुर और मुगल माजरा गांव में प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा शहर में मारकंडा कॉलोनी और बाजीगर कॉलोनी में भी अलर्ट है। यहां रहने वाले लोगों को अपने बच्चे और पशुओं को मारकंडा से दूर रहने का आह्वान किया गया है। 10 से ज्यादा बार बढ़ा जलस्तर मारकंडा में जलस्तर के बढ़ने की आशंका पर प्रशासन ने नदी से सटे गांवों के सरपंचों को हालात पर नजर रखने और मुनादी करवाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन खुद भी हालात पर नजर रखे हुए। इस साल मारकंडा नदी का जलस्तर 10 से ज्यादा बार बढ़ चुका है। कठवा में पहले ही पानी जमा पिछले सप्ताह भी मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इससे कठवा गांव के खेतों में पानी घुस गया, जाे अभी तक खेतों में ही जमा है। यहां पानी आने से फसलें खराब हो चुकी है। अब दोबारा मारकंडा का जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी आने आसार है। पहले यहां की सड़कें भी पानी में डूब गई थी।

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