हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पानी का संकट खड़ा हो गया है। भारी बारिश के कारण शिमला की पेयजल परियोजनाओं भारी में गाद भर गई है। शहर की पानी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। पेयजल परियोजनाओं में आई गाद को हटाने में समय लग सकता है। ऐसे में शहरवासियों को कुछ दिन तक पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। सूचना के अनुसार, भारी बारिश के कारण चाबा परियोजना में पंपिंग स्टेशन डूब गया है। वहीं शिमला में बुधवार रात से हो रही बारिश के कारण गुम्मा के नौटी खड्ड में बाढ़ भयंकर जल स्तर बढ़ गया है और खड्ड में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नौटी खड्ड के पानी का स्तर आसपास के घरों तक पहुंच गया है। खड्ड का पानी सड़क पर आ गया है, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। कैचमेंट एरिया और गिरी परियोजना में भी स्थिति खराब
एक वाहन भी बाढ़ की चपेट में आ गया है और पेयजल परियोजना भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। इसके अलावा शाली कैचमेंट एरिया और गिरी परियोजना में भी स्थिति खराब है। गाद आने से पानी की पंपिंग रुक गई है। कल्याणपुर नाले की स्थिति भी चिंताजनक है। शहर को बुधवार रात 10 बजे तक 38 एमएलडी पानी की आपूर्ति मिली थी। इसके बाद कोई सप्लाई नही हो पाई है। वहीं पेयजल कंपनी ने गिरि और गुम्मा परियोजना में गाद रोकने के लिए ट्यूब सेटलर लगाए हैं। लेकिन पानी में गाद की मात्रा इतनी अधिक है कि ये सभी विफल हो रहे हैं। मलबा और पत्थर भी टैंकों तक पहुंच रहे हैं। कंपनी के अनुसार, पानी में गाद की मात्रा एक हजार एनटीयू से कम होने पर ही आपूर्ति शुरू की जा सकेगी। कंपनी जल्द ही पानी के वितरण कार्यक्रम में बदलाव कर सकती है।