मनाली में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आए हैं। पिछले दो हफ्ते में मिशन अस्पताल में चार मरीज पहुंचे। इनमें से एक मरीज की मौत हो गई, जिसकी जानकारी बुधवार को स्वास्थ विभाग ने दी। दो मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एक मरीज का अभी भी मिशन अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिशन अस्पताल से सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग लोगों को स्क्रब टाइफस और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। बीएमओ नग्गर डॉक्टर करणजीत सिंह के अनुसार, यह बीमारी कुछ दिनों बाद लक्षण दिखाती है। सांस लेने में तकलीफ और किडनी से जुड़ी समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। पेट दर्द और भूख न लगने जैसे लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी
मिशन अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ फिलिप अलेक्जेंडर ने बताया कि उनके अस्पताल में स्क्रब टाइफस के अभी तक 4 मामले आ चुके हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों खासकर बागवानों से बगीचों में जाने से पहले डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल लेने की सलाह दी है। स्क्रब टाइफस के प्रमुख लक्षणों में 104-105 डिग्री तक बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकपी, शरीर में अकड़न और गर्दन, बगल व कूल्हों में गिल्टियां शामिल हैं। बचाव के लिए शरीर और आसपास की सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर के आसपास घास और खरपतवार न उगने दें। नियमित रूप से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।