हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज शिक्षा विभाग की रिव्यू मीटिंग लेंगे। इसमें टीचरों की ट्रांसफर, रिटायरमेंट और प्रमोशन साल में एक बार करने को लेकर चर्चा के बाद फैसला हो सकता है। राज्य सरकार बीच शैक्षणिक सत्र में टीचरों की ट्रांसफर, रिटायरमेंट और प्रमोशन तीनों बंद करना चाह रही है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ता है। कई बार टीचर की ट्रांसफर होने के बाद उस स्कूल में सालभर नया टीचर जॉइन नहीं करता। खासकर इस तरह की दिक्कत ट्राइबल एरिया के स्कूलों में ज्यादा रहती है। प्रमोशन के बाद भी टीचर को स्टेशन छोड़ना अनिवार्य इसी तरह प्रमोशन के बाद भी टीचर को स्टेशन छोड़ना पड़ता है। यानी ट्रांसफर होती है। इससे बीच शैक्षणिक सत्र में प्रमोशन होने से भी स्कूल खाली हो जाता है। ऐसे में सरकार बीच सत्र में प्रमोशन बंद कर सकती है। रिटायरमेंट से भी खाली हो जाते हैं स्कूल ठीक ऐसे ही बीच शैक्षणिक सत्र में टीचर की रिटायरमेंट से भी स्कूल खाली हो जाते है। प्रदेश में बहुत से सरकारी प्राइमरी स्कूल ऐसे में जो एक-एक टीचरों के सहारे चल रहे हैं। ऐसी पाठशालाओं से यदि एक टीचर रिटायर हो जाता है तो उसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। 31 मार्च को टीचरों की ट्रांसफर, प्रमोशन व रिटायरमेंट का प्लान इसे देखते हुए सरकार हर साल 31 मार्च को ही टीचरों की ट्रांसफर, प्रमोशन और रिटायरमेंट पर विचार कर रही है। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जा सकता है। बजट घोषणाओं का रिव्यू करेंगे CM सुक्खू आज की मीटिंग मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू द्वारा इस बार के बजट भाषण में की गई घोषणाओं का भी रिव्यू किया जाएगा। सीएम सुक्खू बजट घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए आज अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग अपनी उपलब्धियों को लेकर प्रेजेंटेशन देगा। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल सहित स्कूल शिक्षा व उच्च शिक्षा में नए सुधारों पर चर्चा होगी।