हिमाचल के शिमला के नामी बिशप कॉटन स्कूल के बाहर से 3 बच्चों की किडनैपिंग में अब नया खुलासा हुआ है। आरोपी की चंगुल से छुड़ाए गए छठी क्लास के छात्र अंगद का ताऊ परमजीत उर्फ पप्पू लाठर ने बताया कि बच्चे ने उन खौफनाक पलों की बात बताई। बच्चे का दावा कि आरोपी के पास 2 नीग्रो भी हाथ में इंजेक्शन लेकर आए थे। हालांकि, इंजेक्शन किसी को लगाया नहीं। आरोपी ने बच्चों को धमकाया था कि शोर मचाया तो नाइजीरियन अंगुलियां काट देंगे। जिन तीन बच्चों का किडनैप हुआ, उनमें से अंगद करनाल का है। मंगलवार सुबह ही अंगद परिजनों के साथ करनाल पहुंचा। यहां कुछ देर ताऊ परमजीत उर्फ पप्पू लाठर के पास ठहरने के बाद सीधा मामा के साथ पानीपत अपने ननिहाल चला गया। ताऊ ने बताया कि बच्चा सहमा हुआ है। वह नॉर्मल हो जाए, इसलिए ही मामा के घर भेजा है। इस मामले में गिरफ्तार शिमला के 30 वर्षीय सुमित सूद को पुलिस ने 13 अगस्त तक के रिमांड पर लिया है। अभी पूछताछ जारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है कि इस केस में किसी नाइजीरियन या अन्य किसी विदेशी की भूमिका सामने आई है। किडनैप किए गए बच्चों में अंगद के अलावा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का भतीजा और तीसरा कुल्लू के बंजार से एक पूर्व विधायक का पड़ पोता भी थे। अंगद के ताऊ ने दैनिक भास्कर एप को ये कहानी बताई… पिज्जा-आमलेट खिलाया, लेकिन चाकू दिखा डराया
अगले दिन आरोपी के पास दो नाइजीरियन पहुंचे। वे बच्चों के कमरे में बैठे और उनके हाथ में इंजेक्शन था। आरोपी ने बच्चों को पिज्जा और आमलेट खिलाया, लेकिन चाकू दिखाकर धमकाया कि वे एक महीने तक उसके साथ रहेंगे। उसने कहा कि दो-तीन दिन में उन्हें चंडीगढ़ और फिर चेन्नई ले जाएगा। अगर चालाकी या भागने की कोशिश की तो जंगल में मारकर फेंक देगा। 26 घंटे में पुलिस ने किया रेस्क्यू
लाठर ने बताया कि किडनैपर ने शनिवार शाम करीब 4 बजे उनके दिवंगत भाई दलबीर की पत्नी दिप्ती (अंगद की मां) को फोन कर कहा कि अंगद कब्जे में है। फिरौती की रकम तैयार रखना। पैसे हम बाद में बताएंगे कितने देने हैं। शाम को 5 बजे बच्चों की काउंटिंग के बाद आपके स्कूल से फोन आएगा तो उन्हें कहना की बच्चा हमारे पास आ गया है। अगर इसकी सूचना पुलिस को दी तो आपके बच्चें को मारकर फेंक देगें। रात में ही परिजन शिमला स्कूल में पहुंचे
इसके बाद परिवार के लोगों ने ताया पप्पू लाठर के पास फोन किया। सूचना के बाद शाम करीब 5 बजे परिवार के सदस्य यहां से निकाले और रात करीब 11 बजे शिमला स्कूल में पहुंचे। वहां पर पहले ही पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और करीब 26 घंटे में बच्चों को बरामद कर लिया। रविवार रात 9 बजे बच्चे सुरक्षित हमारे पास लौट आए और मेडिकल और पुलिस पूछताछ के बाद सोमवार शाम को अंगद को हमारे साथ घर भेज दिया। सीएम सुक्खू और उनकी पत्नी ने भी कॉल कर भरोसा दिलाया
कांग्रेसी बैकग्राउंड रखने वाले पप्पू लाठर ने बताया कि रास्ते में जाते समय ही मैंने हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से संपर्क की कोशिश की, जिसके बाद सीएम की पत्नी और खुद सीएम ने कॉल कर भरोसा दिलाया कि वे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी परिवार को हौसला दिया। पप्पू लाठर ने बताया कि उनके परिवार के 6 बच्चे इस स्कूल में पढ़ चुके हैं, जिनमें अब अंगद और उसका भाई उत्सव पढ़ रहे हैं। अंगद के पिता का इसी साल जनवरी में ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया था। इसी बात का सुकून की हमारा बच्चा सुरक्षित
इस घटना के बाद शिमला शहर में दहशत फैल गई। लोगों ने अपने घरों के बाहर लगे कैमरों की फुटेज चेक की और पुलिस को मदद दी। जांच में साफ हुआ कि आरोपी सुबह 5 बजे ही अपनी गाड़ी लेकर पहुंच गया था और सही मौके का इंतजार कर रहा था। वहीं जब दैनिक भास्कर ने अंगद और उसकी मां से बात करवाने के लिए पूछा तो उन्होंने बताया कि वो अपने मामा के साथ उनके घर चले गए है। वो मीडिया के सामने नहीं आना चाहते। उन्हें इसी बात का सुकून है कि बच्चा सुरक्षित है और हमारे पास है।