हिमाचल प्रदेश केग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय में ऑनलाइन अंगदान का शपथ पत्र भरा। इस अवसर पर स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) की ओर से ‘अंगदान – जीवन संजीवनी अभियान’ का शुभारंभ किया गया। मंत्री ने कहा कि अंगदान से किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने लोगों से इस पुनीत कार्य में आगे आने की अपील की। डॉक्टर पुनीत महाजन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि अंगदान के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है। लोग घर बैठे ही अंगदान का शपथ पत्र भर सकते हैं। साथ ही अस्पतालों में जाकर अनुदान भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से इस विषय पर चर्चा करेंगे। मंत्री ने प्रदेश में ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों की तरह हिमाचल में भी इसके लिए विशेष टीम बनाई जाए। साथ ही अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। शराब ठेका न खोलने के निर्देश
वही शिमला बसंतपुर की चेवड़ी पंचायत में शराब का ठेका खुलने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए इस्तीफे पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। एक्साइज कमिश्नर को वहां पर ठेका न खोलने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते अब इस पंचायत में शराब का ठेका नहीं खोला जाएगा। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि चेवड़ी पंचायत में खेरा गांव मे शराब का ठेका खोलने के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों ने इस्तीफा दिया है । जैसे ही ये मामला ध्यान में आया तो कमिश्नर एक्साइज से बात की उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठेके को बंद करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि ठेका खोलना पंचायती राज विभाग के अधीन नहीं है। ये एक्साइज का मामला है और ग्राम पंचायत की कोई भी एनओसी नहीं लगती। लेकिन तत्काल कार्रवाई करते हुए ठेका बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। दिसंबर के मध्य में चुनाव करवाए जाएंगे
वहीं पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ने कहा कि पंचायती राज के चुनाव समय पर होंगे और दिसंबर महीने के मध्य में चुनाव करवाए जाएंगे। कैबिनेट की बैठक में नया रोजगार पास कर दिया है जल्दी से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 750 नई पंचायत बनाने की एप्लीकेशन आई थी, लेकिन हर पंचायत पर हर साल 10 लाख रुपए खर्च आता है। साथ ही पंचायत घर बनाने के लिए बनाने के लिए एक करोड़ 14 लाख की राशि अलग से खर्च होती है। प्रदेश की स्थिति अभी ठीक नहीं है ऐसे में अब नहीं पंचायत बनाने का फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है। वही नेशनल हाईवे मामले पर उन्होंने कहा प्रदेश में हाईवे के नाम पर नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेशनल हाईवे से लोगों के घरों को नुकसान हुआ- मंत्री
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश से नेशनल हाईवे से लोगों के घरों को नुकसान हुआ है और इसको लेकर हर रोज शिकायत आ रही है।इसको लेकर जल्द वे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलने जाएंगे और उन्हें स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संज्ञान लिया और बयान दिया कि अच्छी बात है देर आए दुरुस्त आए। उन्होंने लोगों के लिए आवाज उठाई है और उम्मीद करता हूं कि लोकसभा में भी अपनी आवाज बुलंद करेगे। हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए लोकसभा में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और इस पर एक्शन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो नेशनल हाईवे निर्माण से प्रभावित है लोगों को जानकारी के अभाव है। लोगों के पास केस लड़ने के पैसे नहीं है तो उनको कानूनी रूप से मदद भी की जाएगी। निर्माण को लेकर कानून बनना चाहिए और 100 मीटर की परिधि में जो भी नुकसान हो नेशनल हाईवे को उसकी भरपाई करनी चाहिए। नेशनल हाईवे वाले काम करके चले जाते हैं और उसके बाद प्रदेश सरकार पर डाल दिया जाता है ।