हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में शहीद आरक्षक रमजान अली की मां जिन्दो को तीन साल के संघर्ष के बाद न्याय मिला है। उन्हें अब नियमित पेंशन के साथ पिछले तीन साल का एरियर भी मिल गया है। जिन्दो ने इस मदद के लिए पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक कल्याण संगठन का आभार व्यक्त किया है। जानकारी के अनुसार रमजान अली गांव दियोली तहसील घनारी के रहने वाले थे। वे 1982 में खड़का कैंप में देश सेवा के दौरान शहीद हुए थे। अविवाहित होने के कारण उनकी पेंशन पिता जमाल दीन के नाम मंजूर की गई थी। पति के निधन के बाद नहीं मिली पेंशन 2022 में जमाल दीन के निधन के बाद यह पेंशन उनकी पत्नी जिन्दो को मिलनी थी। लेकिन मूल पेंशन भुगतान आदेश में जिन्दो का नाम नहीं होने से उन्हें पेंशन नहीं मिल पाई। पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक कल्याण संगठन ऊना ने इस मामले को गंभीरता से लिया। कई बार आवेदन के बाद मिली पेंशन संगठन के प्रतिनिधियों ने लगातार सरकारी कार्यालयों का संपर्क किया। कई बार आवेदन देने और जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद नया पेंशन भुगतान आदेश जारी हुआ। जिन्दो को अब हर महीने नियमित पेंशन मिल रही है। साथ ही पिछले तीन साल का बकाया भी उनके खाते में जमा हो गया है।

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