कांगड़ा जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डीसी हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नदियों, खड्डों और नालों के किनारे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीसी ने बताया कि बरसात के मौसम में अचानक जलस्तर बढ़ने से कई हादसे हो चुके हैं। लोग फोटोशूट और सेल्फी के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। जल शक्ति विभाग को उपमंडल अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ संभावित इलाकों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने जल शक्ति विभाग को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर सेक्शन 115 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांगड़ा जिले में प्रतिवर्ष बारिश के मौसम में कई पर्यटक और स्थानीय लोग तेज बहाव की चपेट में आ जाते हैं। प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।

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