कांगड़ा के धर्मशाला के खनियारा गांव स्थित प्राचीन अघंजर महादेव मंदिर में एक बार फिर विवाद सामने आया है। मंगलवार को मंदिर परिसर में साधु-संतों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। मंदिर को प्रशासन के अधीन करने और मौजूदा मंदिर कमेटी के कामकाज को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ साधु और स्थानीय लोग मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। वहीं, कुछ लोग इसे धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप मान रहे हैं। मंदिर की 381 कनाल भूमि का विवाद भी गहरा है। इसमें से 200 कनाल भूमि सरकार ने अधिग्रहित कर ली है। बाकी भूमि पर करीब एक दर्जन लोगों का अवैध कब्जा बताया जा रहा है। 2010 में डीसी के आदेश पर भूमि सरकार को हस्तांतरित कर दी गई। ट्रस्ट इसे असंवैधानिक मानता है। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है। मान्यता है कि महाभारत काल में अर्जुन को यहीं भगवान शिव से पाशुपतास्त्र मिला था। महाराजा रणजीत सिंह के समय में एक साधु ने मंदिर के 625 वर्ष पुराने अखंड धूने से सौ दुशाले निकालकर चमत्कार दिखाया था।

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