हिमाचल प्रदेश का जवान सिक्किम में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया। एवलांच की चपेट में आने से नाहन उप-मंडल के बड़ाबन गांव के लांस नायक मनीष ठाकुर वीरगति को प्राप्त हुए। बीती शाम को वह ड्यूटी पर थे। शाम करीब 7.30 बजे एवलांच की चपेट में आ गए। 27 वर्षीय मनीष ठाकुर 1998 में ही आर्मी में भर्ती हुए थे। 8 साल 8 महीने की देश सेवा के बाद उन्होंने अपने प्राण देश सेवा के लिए न्योछावर कर दिए है। मनीष की शहादत की खबर के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और शहीद के घर पर लोग जुटने शुरू हो गए है। वहीं शहीद की पार्थिव देह को आज हेलिकॉप्टर से चंडीगढ़ तक लाया जा रहा है। मौसम ने कोई बाधा नहीं डाली तो शाम तक पार्थिव देह चंडीगढ़ पहुंच जाएगी और अगले कल शहीद का अंतिम संस्कार हो सकता है। 3 महीने पहले हुई शादी मनीष की तीन महीने पहले ही शादी हुई थी। अब वह वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि मनीष ठाकुर के शहीद होने की सूचना मिली है। माता-पिता और पत्नी को पीछे छोड़ गए मनीष मनीष ठाकुर अपने पीछे पत्नी तनु देवी, माता किरण बाला और पिता जोगिंदर सिंह को छोड़ गए हैं। परिवार पर यह गम का पहाड़ जरूर टूटा है, लेकिन उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। गांव में जब यह समाचार पहुंचा, तो पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। हर आंख नम है, लेकिन सीना गर्व से चौड़ा भी है। डिप्टी डायरेक्टर बोले- कल अंतिम संस्कार संभव सैनिक कल्याण बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर सेवानिवृत्त मेजर दीपक धवन ने बताया कि प्रशासन को सूचना दे दी गई है। उन्होंने बताया कि शहीद मनीष ठाकुर सिक्किम के छत्ते गांव में ड्यूटी पर थे। वह थ्री-डोगरा यूनिट में सेवारत थे।

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