मुझे आश्चर्य है कि अगर शशि थरूर ने पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब किया तो कुछ लोगों को मिर्ची क्यों लगी? हैरत इस बात की भी है कि शशि थरूर ने भारत का पक्ष रखा। प्रधानमंत्री की तारीफ की तो ये बात कुछ लोगों को क्यों चुभी? 

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